Wednesday, April 15, 2020

आना-जाना लगा रहेगा

सुख-दुःख हैं जीवन के साथी,ये आना-जाना लगा रहेगा।

खुशी आए,जी भरके जी लो,
हँस लो,खेलो,उमंगें भर लो,
दीप जलाओ,पुष्प बिछाओ,
मिल जुल,एक दूजे के साथ,
बाँटो खुशियाँ,मौज उड़ाओ,
हरियाला सावन,पतझड़ सूना,ये आना-जाना लगा रहेगा।

दुःख आए तो,मत घबराना,
कुछ पल ही,ठहरेगा ये भी,
धैर्य धरना,मन हार न जाना,
दिल में,न पीर बसाना तुम,
आंसू आएँ,तो बह जाने दो,
रात अँधेरी फिर सुबह सुनहरी,ये आना-जाना लगा रहेगा।

जीवन सुख,दुःख का है झूला,
दुःख इसपार,तो सुख उसपार
संतुलन साधो,सब सध जाएगा,
और सुख घूम,इस पार आएगा ,
समय बदलेगा,लगेगी देर नहीं,
पूस की ठिठुरन,जेठ की गर्मी,ये आना-जाना लगा रहेगा।

जन्म-मृत्यु,तो है निश्चित सबकी,
इस बीच की कहानी,लिखनी है,
मन माफिक,जो गढ़ ली जैसी,
वो गाथा,बस वैसी ही बननी है,
ईश्वर से,कैसा शिकवा करना ?
जन्म के सोहर,मृत्यु से बिछड़न,ये आना-जाना लगा रहेगा।

अपनाना,ठुकराना,रिश्ते बुनना,
हठ,स्नेह,दगा,दोस्ती,राहें चुनना,
प्यार,त्याग,मिलना,खोना,पाना,
कहना,सुनना,रूठना,समझाना,
जीवन है अनुभव,ये बातें गुनना,
साँसों का चलना,साँसों का थमना,ये आना-जाना लगा रहेगा।

सुख-दुःख हैं जीवन के साथी,ये आना-जाना तो लगा रहेगा।

                                                             - जयश्री वर्मा